आर्थिक बदहाली और भारी कर्ज के बोझ तले दबे पाकिस्तान ने आखिरकार अपनी राष्ट्रीय एयरलाइन, पाकिस्तान इंटरनेशनल एयरलाइंस (PIA) को निजी हाथों में सौंपने का फैसला कर लिया है। आरिफ हबीब कंसोर्टियम ने 4,317 करोड़ रुपये की सबसे ऊंची बोली लगाकर इस एयरलाइन को खरीद लिया है, जो पाकिस्तान के उड्डयन इतिहास में एक बड़े बदलाव का संकेत है। लंबे समय से कुप्रबंधन, तकनीकी खामियों और भ्रष्टाचार के आरोपों से जूझ रही PIA की आर्थिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी थी कि उसके लिए अपने दैनिक परिचालन को जारी रखना भी असंभव हो गया था।
अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) द्वारा दिए गए कड़े आर्थिक सुधारों के दबाव और देश के खाली होते खजाने को बचाने के लिए शहबाज शरीफ सरकार ने एयरलाइन के 75% शेयरों की नीलामी की प्रक्रिया पूरी की। कभी 'आसमान का गौरव' कही जाने वाली यह एयरलाइन अब पूरी तरह से निजी प्रबंधन के अधीन होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम न केवल सरकारी खजाने पर बोझ कम करेगा, बल्कि आरिफ हबीब ग्रुप के निवेश से एयरलाइन की सेवाओं और सुरक्षा मानकों में भी सुधार की उम्मीद है। हालांकि, यह बिक्री पाकिस्तान की गिरती अर्थव्यवस्था की उस कड़वी सच्चाई को भी बयां करती है, जहां कर्ज चुकाने के लिए उसे अपनी राष्ट्रीय संपत्तियों को बेचने पर मजबूर होना पड़ रहा है
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