कंबोडिया और थाईलैंड के बीच विवादित सीमा क्षेत्र में भगवान विष्णु की 9 मीटर ऊँची भव्य प्रतिमा को तोड़े जाने की घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तूल पकड़ लिया है। इस कृत्य पर भारत सरकार ने अत्यंत कड़ा रुख अपनाते हुए अपनी गहरी नाराजगी और आलोचना व्यक्त की है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि इस तरह का कदम न केवल धार्मिक आस्थाओं का अपमान है, बल्कि यह दक्षिण-पूर्व एशिया की उस साझा सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत पर भी चोट है जो सदियों से भारत और कंबोडिया को आपस में जोड़ती आई है।
भारत ने इस घटना को "अत्यंत अपमानजनक" करार दिया है और कहा है कि सीमा विवाद जैसे द्विपक्षीय मसलों को सुलझाने के लिए धार्मिक प्रतीकों को निशाना बनाना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि इस प्रतिमा के विध्वंस से न केवल भारत, बल्कि दुनिया भर में फैले करोड़ों हिंदुओं और श्रद्धालुओं की भावनाओं को गहरी ठेस पहुँची है। भारत ने संबंधित पक्षों से अपील की है कि वे संयम बरतें और ऐसी पवित्र विरासतों का सम्मान करें जो मानवता की साझा धरोहर हैं। यह मामला तब और संवेदनशील हो जाता है जब हम देखते हैं कि भारत और कंबोडिया के संबंध प्राचीन काल से ही रामायण और महाभारत जैसी संस्कृतियों के माध्यम से गहरे जुड़े हुए हैं
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