आयकर विभाग द्वारा कई टैक्सपेयर्स को भेजे जा रहे 'Under Risk Management Process' मैसेज ने वर्तमान में काफी हलचल पैदा कर दी है। यदि आपको भी ऐसा ईमेल या एसएमएस मिला है, तो इसका सीधा अर्थ यह है कि आयकर विभाग का सिस्टम आपके द्वारा दाखिल किए गए ITR (Income Tax Return) की दोबारा और गहनता से जांच कर रहा है। विभाग यह प्रक्रिया तब अपनाता है जब उसे टैक्स रिटर्न में दी गई जानकारी और उपलब्ध डेटा के बीच कोई विसंगति (Mismatch) नजर आती है।
इस मैसेज के आने की प्रमुख वजहें:
आय और दावों में अंतर: यदि आपके द्वारा घोषित आय और आपके AIS (Annual Information Statement) या Form 26AS में दर्ज डेटा मेल नहीं खाता है, तो सिस्टम उसे 'रिस्क' की श्रेणी में डाल देता है।
अत्यधिक रिफंड का दावा: यदि कोई टैक्सपेयर अपनी आय के अनुपात में बहुत अधिक टैक्स रिफंड की मांग करता है, तो विभाग उसकी सत्यता जांचने के लिए रिटर्न को रिस्क मैनेजमेंट प्रोसेस में डाल देता है।
गलत कटौतियां (Deductions): धारा 80C, 80D या HRA जैसे फर्जी दावों के जरिए टैक्स बचाने की कोशिश करने वालों पर विभाग की एआई-आधारित तकनीक अब पैनी नजर रख रही है।
अब आपको क्या करना चाहिए?
घबराने के बजाय, आपको अपने ई-फाइलिंग पोर्टल पर लॉग-इन करना चाहिए और 'Pending Actions' के तहत 'Worklist' चेक करनी चाहिए। यदि विभाग ने कोई स्पष्टीकरण मांगा है, तो उसका समय पर जवाब देना अनिवार्य है। यदि आपकी जानकारी सही है, तो जांच के बाद आपका रिफंड प्रोसेस कर दिया जाएगा। देरी या अनदेखी करने पर जुर्माना या स्क्रूटनी का सामना करना पड़ सक
ता है।

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