असम के तिनसुकिया जिले में एक हृदयविदारक ट्रेन हादसा हुआ है, जिसने वन्यजीव संरक्षण और रेलवे सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। डिब्रूगढ़ जा रही राजधानी एक्सप्रेस की चपेट में आने से सात हाथियों के एक झुंड की दर्दनाक मौत हो गई। यह घटना उस समय हुई जब हाथियों का यह दल रेलवे ट्रैक पार करने की कोशिश कर रहा था। टक्कर इतनी जोरदार थी कि न केवल हाथियों की जान गई, बल्कि ट्रेन के पांच डिब्बे भी पटरी से उतर गए।
गनीमत यह रही कि इस बड़े हादसे में ट्रेन के यात्रियों को कोई गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन हाथियों की इस तरह सामूहिक मृत्यु ने पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय प्रशासन को झकझोर कर रख दिया है। असम का यह क्षेत्र हाथियों के गलियारे (Elephant Corridor) के रूप में जाना जाता है, जहाँ अक्सर हाथियों की आवाजाही बनी रहती है। हादसे के बाद डिब्रूगढ़-तिनसुकिया रेल खंड पर यातायात पूरी तरह बाधित हो गया और रेलवे की तकनीकी टीम बहाली कार्य में जुट गई है।
यह घटना एक चेतावनी है कि विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन बनाना कितना अनिवार्य है। वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे संवेदनशील इलाकों में ट्रेनों की गति सीमा और सेंसर तकनीक पर सख्ती से काम करने की जरूरत है, ताकि भविष्य में बेजुबान जानवरों को अपनी जान न गंवानी पड़े
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