फिल्म 'इक्कीस' की शूटिंग के आखिरी दिन धर्मेंद्र काफी भावुक हो गए थे। उन्होंने पाकिस्तान को लेकर अपनी उस पुरानी याद और ख्वाहिश का जिक्र किया था जो उनके दिल के बेहद करीब है।
धर्मेंद्र ने अपनी बात रखते हुए मुख्य रूप से ये बातें कही थीं:
बंटवारे का दर्द और जुड़ाव: धर्मेंद्र ने कहा था कि वह पाकिस्तान के उन इलाकों को एक बार फिर देखना चाहते हैं जहां उनका बचपन बीता था या जिनसे उनकी पुरानी यादें जुड़ी हैं।
अमन और शांति की चाह: उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच प्यार, अमन और भाईचारे की इच्छा जताई थी। उन्होंने कहा था कि दोनों तरफ के लोग एक जैसे हैं और वे चाहते हैं कि सरहद की दूरियां कम हों।
पुश्तैनी घर की याद: धर्मेंद्र का जन्म पंजाब (भारत) में हुआ था, लेकिन उनके कई पुराने दोस्त और यादें उस पार से जुड़ी रही हैं। उन्होंने अपनी दिली तमन्ना जाहिर की थी कि काश वह एक बार वहां जा पाते और उन गलियों को देख पाते।
फिल्म 'इक्कीस' के बारे में खास जानकारी:
यह फिल्म 1971 के युद्ध के हीरो सेकंड लेफ्टिनेंट अरुण खेत्रपाल की बायोपिक है। इसमें धर्मेंद्र के साथ अगस्त्य नंदा मुख्य भूमिका में हैं और इसका निर्देशन श्रीराम राघवन कर रहे हैं। युद्ध की पृष्ठभूमि पर बनी फिल्म होने के कारण शूटिंग के आखिरी दिन धर्मेंद्र काफी इमोशनल थे और उन्होंने सरहद के पार बसे लोगों के लिए मोहब्बत भरा संदेश दिया था।

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